08 दिसम्बर, 2024 रविवार - मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष सप्तमी
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श्री ॐकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंगला आरती श्रृंगार | 09.08.2026
श्री महाकालेश्वर भस्म आरती दर्शन | 09.08.2026
आज के दर्शन श्री राधावल्लभ लाल जी | 9 Aug 2026
आज के श्रृंगार दर्शन श्री राधारानी जी बरसाना धाम | 9 Aug 2026
आज के श्रृंगार दर्शन श्री राधारमण लाल जी | 9 Aug 2026
मंगला दर्शन श्री गिर्राज जी मुखारविंद | 7 Aug 2026
गिर्राज जी दानघाटी गोवर्धन | 7 Aug 2026
आज के श्रृंगार दर्शन श्री राधारमण लाल जी | 7 Aug 2026
राजाधिराज द्वारकाधीश जी के श्रृंगार आरती एवं कुंडला भोग दर्शन
बृजधाम संध्या दर्शन 06/08/2026
बृजधाम संध्या दर्शन 06/08/2026
बृजधाम संध्या दर्शन 06/08/2026
बृजधाम संध्या दर्शन 06/08/2026
बृजधाम संध्या दर्शन 06/08/2026
बृजधाम संध्या दर्शन 05/08/2026
बृजधाम संध्या दर्शन 05/08/2026
बृजधाम संध्या दर्शन 05/08/2026
श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंगला शृंगार आरती | 05.08.2026
श्री ॐकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंगला आरती श्रृंगार | 05.08.2026
राजाधिराज द्वारकाधीश जी के श्रृंगार आरती एवं कुंडला भोग दर्शन🙏🏻
Puran
The Brahmavaivarta Purana is one of the eighteen major Puranas in Hinduism, which primarily focuses on the stories of Lord Krishna, Radha, and the creation of the universe. It emphasizes the supreme nature of Krishna and presents him as the ultimate deity in the cosmos. The Purana also discusses the roles of other deities and the importance of devotion to God. It contains stories about the divine leelas (pastimes) of Krishna, the concept of divine love, and the relationship between the soul and the divine. It also touches on the significance of rituals and worship.
ब्रह्मवैवर्त पुराण हिंदू धर्म के अठारह प्रमुख पुराणों में से एक है, जो मुख्य रूप से भगवान श्री कृष्ण, राधा और ब्रह्मांड की रचना की कथाओं पर केंद्रित है। यह कृष्ण को सर्वोच्च देवता के रूप में प्रस्तुत करता है और उनके दिव्य स्वरूप का वर्णन करता है। पुराण में अन्य देवताओं की भूमिकाओं और भगवान की भक्ति के महत्व पर भी चर्चा की गई है। इसमें कृष्ण के दिव्य लीला, प्रेम और आत्मा-परमात्मा के संबंध पर कथाएँ दी गई हैं। यह अनुष्ठान और पूजा के महत्व पर भी प्रकाश डालता है।