08 दिसम्बर, 2024 रविवार - मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष सप्तमी

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राजाधीराज द्वारीकाधीशजी के संध्या आरती दर्शन 🙏🏻| 12/05/2026

राजाधीराज द्वारीकाधीशजी के पुष्पशृंगार एवं सुकामेवा मनोरथ दर्शन | 12.05.2026

राजाधिराज द्वारकाधीश जी के मङ्गला आरती दर्शन | 12.05.2026

श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग मंगला आरती श्रृंगार | 12.05.2026

श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंगला शृंगार आरती | 12.05.2026

श्री महाकालेश्वर भस्म आरती दर्शन | 12.05.2026

आज के श्रृंगार दर्शन श्री राधावल्लभ लाल जी | 12.05.2026

आज के श्रृंगार दर्शन श्री लाड़ली जी बरसाना धाम | 12.05.2026

आज के श्रृंगार दर्शन श्री बांके बिहारी जी वृन्दावन धाम | 12.05.2026

आज के मंगला दर्शन श्री राधाबल्लभ जी वृन्दावन धाम | 12.05.2026

मंगला आरती दर्शन श्री राधारमण लाल जी वृन्दावन धाम | 12.05.2026

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग प्रातः कालीन दद्योदक आरती | 12-05-2026

आज के श्रृंगार दर्शन श्री लाड़ली जी बरसाना धाम | 11.05.2026

आज के श्रृंगार दर्शन श्री राधावल्लभ लाल जी | 11.05.2026

आज के श्रृंगार दर्शन श्री नन्दमहल नंदगांव | 11.05.2026

आज के श्रृंगार दर्शन श्री बांके बिहारी जी वृन्दावन धाम | 11.05.2026

आज के दर्शन श्री गिर्राज जी दानघाटी गोवर्धन | 11.05.2026

श्री महाकालेश्वर भस्म आरती दर्शन | 11.05.2026

राजाधिराज द्वारकाधीश जी के मङ्गला आरती दर्शन | 11/05/2026

राजाधिराज द्वारकाधीश जी के मङ्गला आरती दर्शन | 10.05.2026

Puran

BrahmVaivatra Puran

The Brahmavaivarta Purana is one of the eighteen major Puranas in Hinduism, which primarily focuses on the stories of Lord Krishna, Radha, and the creation of the universe. It emphasizes the supreme nature of Krishna and presents him as the ultimate deity in the cosmos. The Purana also discusses the roles of other deities and the importance of devotion to God. It contains stories about the divine leelas (pastimes) of Krishna, the concept of divine love, and the relationship between the soul and the divine. It also touches on the significance of rituals and worship.
ब्रह्मवैवर्त पुराण हिंदू धर्म के अठारह प्रमुख पुराणों में से एक है, जो मुख्य रूप से भगवान श्री कृष्ण, राधा और ब्रह्मांड की रचना की कथाओं पर केंद्रित है। यह कृष्ण को सर्वोच्च देवता के रूप में प्रस्तुत करता है और उनके दिव्य स्वरूप का वर्णन करता है। पुराण में अन्य देवताओं की भूमिकाओं और भगवान की भक्ति के महत्व पर भी चर्चा की गई है। इसमें कृष्ण के दिव्य लीला, प्रेम और आत्मा-परमात्मा के संबंध पर कथाएँ दी गई हैं। यह अनुष्ठान और पूजा के महत्व पर भी प्रकाश डालता है।

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Ling Puran