HI : For The Hindu, By The Hindu

Donate

संध्या दर्शन बृजधाम | 26.06.2026

गोपेश्वर महादेव दर्शन | 26.06.2026

संध्या दर्शन वृंदावन | 26.06.2026

श्री ॐकारेश्वर ज्योतिर्लिंग संध्याकालीन आरती श्रृंगार | 26.06.2026

श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग संध्या शृंगार आरती दर्शन | 26.06.2026

श्री महाकालेश्वर भस्म आरती दर्शन | 26.06.2026

राजाधिराज द्वारकाधीश जी के मङ्गला आरती दर्शन | 26.06.2026

आज के मंगला दर्शन श्री राधाबल्लभ जी वृन्दावन धाम | 26.06.2026

आज के दर्शन श्री गिर्राज जी दानघाटी गोवर्धन | 26.06.2026

मंगला दर्शन श्री गिर्राज जी मुखारविंद जतिपुरा | 26.06.2026

मंगला आरती दर्शन श्री राधारमण लाल जी वृन्दावन धाम | 26.06.2026

आज के श्रृंगार दर्शन श्री बांके बिहारी जी वृन्दावन धाम | 26.06.2026

आज के श्रृंगार दर्शन श्री नन्दमहल नंदगांव | 26.06.2026

आज के श्रृंगार दर्शन श्री लाड़ली जी बरसाना धाम | 26.06.2026

आज के श्रृंगार दर्शन श्री राधावल्लभ लाल जी | 26.06.2026

राजाधीराज द्वारीकाधीशजी के संध्या आरती एवं पुष्पशृंगार दर्शन 🙏25/06/2026

बृजधाम संध्या दर्शन 25/06/2026

बृजधाम संध्या दर्शन 25/06/2026

बृजधाम संध्या दर्शन 25/06/2026

बृजधाम संध्या दर्शन 25/06/2026

Shri Hanuman Ji Aarti (Hindi)

॥ श्री हनुमंत स्तुति ॥


मनोजवं मारुत तुल्यवेगं,
जितेन्द्रियं, बुद्धिमतां वरिष्ठम् ॥
वातात्मजं वानरयुथ मुख्यं,
श्रीरामदुतं शरणम प्रपद्धे ॥

॥ आरती ॥


आरती कीजै हनुमान लला की ।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥

जाके बल से गिरवर काँपे ।
रोग-दोष जाके निकट न झाँके ॥
अंजनि पुत्र महा बलदाई ।
संतन के प्रभु सदा सहाई ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥

दे वीरा रघुनाथ पठाए ।
लंका जारि सिया सुधि लाये ॥
लंका सो कोट समुद्र सी खाई ।
जात पवनसुत बार न लाई ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥

लंका जारि असुर संहारे ।
सियाराम जी के काज सँवारे ॥
लक्ष्मण मुर्छित पड़े सकारे ।
लाये संजिवन प्राण उबारे ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥

पैठि पताल तोरि जमकारे ।
अहिरावण की भुजा उखारे ॥
बाईं भुजा असुर दल मारे ।
दाहिने भुजा संतजन तारे ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥

सुर-नर-मुनि जन आरती उतरें ।
जय जय जय हनुमान उचारें ॥
कंचन थार कपूर लौ छाई ।
आरती करत अंजना माई ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥

जो हनुमानजी की आरती गावे ।
बसहिं बैकुंठ परम पद पावे ॥
लंक विध्वंस किये रघुराई ।
तुलसीदास स्वामी कीर्ति गाई ॥

आरती कीजै हनुमान लला की ।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥
॥ इति संपूर्णंम् ॥

Aarti Kunj Bihari Ki (Shri Krishna Aarti)

Om Jai Jagdish Hare Aarti

Lakshmi Mata Aarti

Ambe Tu Hai Jagdambe Kaali

Shri Hanuman Ji Aarti (Hindi)

Om Jai Shiv Omkara - Aarti (HIndi)

Shri Ram Stuti (Hindi)

Jai Ambe Gauri Aarti