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राजाधीराज द्वारीकाधीशजी के संध्या आरती दर्शन 🙏🏻18/07/2026

बृजधाम संध्या दर्शन 18/07/2026

बृजधाम संध्या दर्शन 18/07/2026

श्री ॐकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंगला आरती श्रृंगार | 18.07.2026

श्री भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंगला आरती श्रृंगार | 18.07.2026

श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग मंगला आरती श्रृंगार | 18.07.2026

आज के मंगला दर्शन श्री राधावल्लभ लाल | 18 July 2026

आज के श्रृंगार दर्शन श्री राधारमण लाल जी वृन्दावन धाम | 18 July 2026

आज के श्रृंगार दर्शन श्री बांके बिहारी जी वृन्दावन धाम | 18 July 2026

राजाधीराज द्वारीकाधीशजी के संध्या आरती दर्शन 🙏🏻17/07/2026

बृजधाम संध्या दर्शन 17/07/2026

बृजधाम संध्या दर्शन 17/07/2026

बृजधाम संध्या दर्शन 17/07/2026

बृजधाम संध्या दर्शन 17/07/2026

जगन्नाथ

आज के श्रृंगार दर्शन श्री बांके बिहारी जी वृन्दावन धाम | 17 July 2026

आज के मंगला दर्शन | 17 July 2026

आज के श्रृंगार दर्शन श्री राधारमण लाल जी वृन्दावन धाम | 17 July 2026

राजाधीराज द्वारीकाधीशजी के संध्या आरती दर्शन

संध्या दर्शन बृजधाम वृंदावन

Om Jai Jagdish Hare Aarti

ॐ जय जगदीश हरे,
स्वामी जय जगदीश हरे ।
भक्त जनों के संकट,
दास जनों के संकट,
क्षण में दूर करे ॥
॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥

जो ध्यावे फल पावे,
दुःख बिनसे मन का,
स्वामी दुःख बिनसे मन का ।
सुख सम्पति घर आवे,
सुख सम्पति घर आवे,
कष्ट मिटे तन का ॥
॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥

मात पिता तुम मेरे,
शरण गहूं किसकी,
स्वामी शरण गहूं मैं किसकी ।
तुम बिन और न दूजा,
तुम बिन और न दूजा,
आस करूं मैं जिसकी ॥
॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥

तुम पूरण परमात्मा,
तुम अन्तर्यामी,
स्वामी तुम अन्तर्यामी ।
पारब्रह्म परमेश्वर,
पारब्रह्म परमेश्वर,
तुम सब के स्वामी ॥
॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥

तुम करुणा के सागर,
तुम पालनकर्ता,
स्वामी तुम पालनकर्ता ।
मैं मूरख फलकामी,
मैं सेवक तुम स्वामी,
कृपा करो भर्ता॥
॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥

तुम हो एक अगोचर,
सबके प्राणपति,
स्वामी सबके प्राणपति ।
किस विधि मिलूं दयामय,
किस विधि मिलूं दयामय,
तुमको मैं कुमति ॥
॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥

दीन-बन्धु दुःख-हर्ता,
ठाकुर तुम मेरे,
स्वामी रक्षक तुम मेरे ।
अपने हाथ उठाओ,
अपने शरण लगाओ,
द्वार पड़ा तेरे ॥
॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥

विषय-विकार मिटाओ,
पाप हरो देवा,
स्वमी पाप(कष्ट) हरो देवा ।
श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,
श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,
सन्तन की सेवा ॥

ॐ जय जगदीश हरे,
स्वामी जय जगदीश हरे ।
भक्त जनों के संकट,
दास जनों के संकट,
क्षण में दूर करे ॥

Lakshmi Mata Aarti

Jai Ambe Gauri Aarti

Shri Banke Bihari Teri Aarti Gaun

Aarti Kunj Bihari Ki (Shri Krishna Aarti)

Shri Ganesh Aarti

Om Jai Jagdish Hare Aarti

Shri Hanuman Ji Aarti (Hindi)

Ambe Tu Hai Jagdambe Kaali