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राजाधीराज द्वारीकाधीशजी के संध्या आरती दर्शन 🙏🏻18/07/2026

बृजधाम संध्या दर्शन 18/07/2026

बृजधाम संध्या दर्शन 18/07/2026

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राजाधीराज द्वारीकाधीशजी के संध्या आरती दर्शन 🙏🏻17/07/2026

बृजधाम संध्या दर्शन 17/07/2026

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बृजधाम संध्या दर्शन 17/07/2026

बृजधाम संध्या दर्शन 17/07/2026

जगन्नाथ

आज के श्रृंगार दर्शन श्री बांके बिहारी जी वृन्दावन धाम | 17 July 2026

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राजाधीराज द्वारीकाधीशजी के संध्या आरती दर्शन

संध्या दर्शन बृजधाम वृंदावन

Aarti Kunj Bihari Ki (Shri Krishna Aarti)

आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

 

गले में बैजंती माला,
बजावै मुरली मधुर बाला ।
श्रवण में कुण्डल झलकाला,
नंद के आनंद नंदलाला ।
गगन सम अंग कांति काली,
राधिका चमक रही आली ।
लतन में ठाढ़े बनमाली


भ्रमर सी अलक,
कस्तूरी तिलक,
चंद्र सी झलक,
ललित छवि श्यामा प्यारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

कनकमय मोर मुकुट बिलसै,
देवता दरसन को तरसैं ।
गगन सों सुमन रासि बरसै ।


बजे मुरचंग,
मधुर मिरदंग,
ग्वालिन संग,
अतुल रति गोप कुमारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

जहां ते प्रकट भई गंगा,
सकल मन हारिणि श्री गंगा ।
स्मरन ते होत मोह भंगा


बसी शिव सीस,
जटा के बीच,
हरै अघ कीच,
चरन छवि श्रीबनवारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

चमकती उज्ज्वल तट रेनू,
बज रही वृंदावन बेनू ।
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू


हंसत मृदु मंद,
चांदनी चंद,
कटत भव फंद,
टेर सुन दीन दुखारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

Shri Ganesh Aarti

Ambe Tu Hai Jagdambe Kaali

Om Jai Shiv Omkara - Aarti (HIndi)

Shri Ram Stuti (Hindi)

Shri Banke Bihari Teri Aarti Gaun

Shri Hanuman Ji Aarti (Hindi)

Lakshmi Mata Aarti

Aarti Kunj Bihari Ki (Shri Krishna Aarti)